लॉकडाउन के दौरान खाना न मिलने से भूख से बेहाल हुए कुते खूंखार हो गए हैं। जरूरत पर घर से बाहर निकले लोगों को ऐसे आवारा कुते दौड़ाकर काट रहे हैं। वहीं जिन लोगों को आवारा कुतों ने काटा है, उनके लिए एंटी रैबीज इंजेक्शन का न मिलना भी बड़ी मुसीबत बनी हुई है। होटल रेस्टोरेंट आदि बंद होने से कुतों को खाना नहीं मिल रहा है नतीजा सामने है।
गलियों में झुंड में घूम रहे कुते हमलावर होकर लोगों को काट रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुतों की संख्या 5000 से अधिक आंकी गई है। गायों को चारा खिलाने और उन्हें सुरक्षित रखने के प्रयास में नगर निगम का पशुधन विभाग, आवारा कुतों को इंजेक्शन लगवाने और उनको हटाने के प्रति लापरवाह बना हुआ है।
जानकारों का मानना है कि भूख से कुते हमलावर हुए हैं। यदि इन्हें खाना खिलाया जाए तो वे शांत हो सकते हैं। बैरहना की नीरू सलोरी के चंदू और राजरूपपुर के राजेश सिंह के साथ करेलाबाग के इरशाद अली को कुतों ने तब काटा जब वह अस्पताल ही जा रहे थे। ऐसे लोगों ने निजी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया है।